स्वस्थ रहने का आसान एव सुरक्षित तरीका।।

हमारे शरीर मे तीन दोष पाये जाते है। वात पित्त कफ इन तीनोंं दोशो कि प्रकिया सप्तधातुओ के अंदर हि होती है। ये सप्त धातु है। रस । रक्त। मांस । मेद । अस्थि। मज्जा। शुक्र। इसी प्रकार हमारे शरीर मे 3 मल होते है। मूत्र । पुरीश। स्वेद। इन तीनोंं मलो का शरीर से समय समय पर निश्काशित होना अति आवश्यक है। दोशधातुमलमूलमहिशरिरम। अर्थात इन तीनोंं को हि शरीर का मूल कहा गया है। वातादी दोषों के बढ़ने या प्रकुपित् होने से वह वात के सन्सर्ग से समस्त शरीर मे भ्रमण करके दोषों का स्थान सन्श्र्य करके विभिन्न प्रकार कि व्याधि उत्पन्न करते है। अतः हमें अपने दोषों को प्रकुपित होने से बचाने के लिए हमें यह जानना आवश्यक है कि हम किस प्रकृति के है। जैसे वात प्रकृति, या पित या कफ प्रकृति। जिस प्रकार हमारे द्वारा खाए गये आहार या किये गए विहार के कुछ गुण होते है ठीक उसी प्रकार से शरीर मे स्थित वातादी दोषों के भी कुछ गुण होते है, अगर हम् कोई ऐसा द्रव्य खाएंगे जिसके गुण वात के गुणों से मिलते हो तो वात कि वृद्धि होकर वाह प्रकुपित होकर वात व्याधि उतप्पन्न् करेगा। जैसे कि कहा भी गया है। सर्वदासर्वभावानाम् सामान्यम वृद्धि कारणम्। ह्रास हेतु विशेस्च् प्रवृति रू भ्यस्य तू। ।। अर्थात सामान्य अर्थात एक जैसा वृद्धि का कारण होता है, तथा विपरीत गुण वाला उसका ह्रास करता है या कमी करत है। इन सबके निवारण के लिए हमें हमेशा षड़रस युक्त भोजन करना चाहिए तथा हमें ये पता होना बहुत जरुरी है कि किन् आहार या विहार से कौन से दोष कि वृद्धि या कमी होती है, जो कि इस प्रकार है। शामक। प्रकोपक वात। मधुर, अम्ल लवण। कटु तीक्त कशाय पित्त । तिक्त, कशाय मधुर। अम्ल लवन कटु कफ। कटु तिक्त कशाय। मधुर अम्ल लवन। अर्थात जो दोष बढ़ रहा हो उसके विपरीत चिकित्सा करें। उदाहरण - अगर किसी को खाज खुजली fungal infection दाह, जलन प्यास कि अधिकता, हो अधिक गर्मी लगती हो, तो ये सब पित्त प्रकुपित् होने से होते है ऐसे मे अम्ल लवन कटु रसो का त्याग करें। किसी को शरीर मे कैसा भी दर्द पीड़ा हो तो ये वात जी प्रकुपित होने से होते है। ऐसे मे कटु तिक्त कशाय रसो का त्याग करें। धन्यवाद

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50 वर्ष पूर्व किया गया अध्ययन को दुबारा से याद दिलाने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।

Thank you doctor
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Useful

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@Dr. Aazad Kumar wow

Thank you doctor
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Valuable information thanks to Dr Aazad Kumar

Thank you doctor
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Informative

Thank you doctor
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