एंडोमेट्रियोसिस कर रहा संतान सुख से वंचित - रजोनिवृत्ति के बाद आम, अब कम उम्र में कर रहा परेशान - देश में करीब 25 मिलियन महिलाओं पीडि़त होने का अनुमान है डा.सिद्दीक़ी एंडोमेट्रियोसिस कर रहा संतान सुख से वंचित एंडोमेट्रियोसिस कर रहा संतान सुख से वंचित Menopause के बाद परेशान करने वाला विकार अब कम उम्र में ही महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। Infertility की समस्याएं बढ़ी हैं। दम्पति तमाम प्रयासों के बावजूद संतान सुख से वंचित हो रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, कई मामलों में एंडोमेट्रियोसिस विकार कारण है। बांझपन से जूझ रही महिलाओं में endometriosis की व्यापकता 25 से 40 फीसदी तक हो सकती है। भारत में लगभग 25 मिलियन महिलाओं के एंडोमेट्रियोसिस से पीडि़त होने का अनुमान है। एंडोमेट्रियोसिस वाली गर्भवती महिलाओं को समय से पहले जन्म का सबसे अधिक खतरा होता है। caesarean की संभावना बढ़ जाती है। एंडोमेट्रियोसिस का निदान Ultrasound, Transvaginal Scan and MRI से होता है। उन्नत चरणों में, सर्जिकल विकल्प सबसे अच्छा है। दुर्भाग्य से, इस बीमारी की पुनरावृत्ति एक बड़ी चुनौती है। सर्जरी के बाद भी 50-70 फीसदी मरीजों में यह वापस आ जाता है। बचने के लिए मरीजों को दीर्घकालिक चिकित्सा उपचार पर रखा जाता है। बार-बार सर्जरी से बचना चाहिए। यह अंडाशय को नष्ट कर देता है। 40 फीसदी को Pregnancy में समस्या लगभग 40 फीसदी महिलाओं को एंडोमेट्रियोसिस की वजह से गर्भधारण करने में दिक्कत आती है। शोधकर्ताओं का मानना है कि सूजन से स्पर्म या एग को नुकसान पहुंचता है। स्कार टिश्यू फैलोपियन ट्यूब को ब्लॉक कर सकता है। यह है बीमारी एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसा विकार है, जिसमें Uterus की लाइनिंग बनाने वाले ऊतक से मिलता हुआ ऊतक गर्भाशय की गुहा के बाहर विकसित होने लगता है। गर्भाशय की लाइनिंग को एंडोमेट्रियम कहते हैं। जब ओवरी, बाउल और पेल्विस की लाइनिंग के ऊतकों पर एंडोमेट्रियल टिश्यू विकसित होने लगते हैं, तब एंडोमेट्रियोसिस की समस्या उत्पन्न होती है। पेल्विक हिस्से में दर्द एंडोमेट्रियोसिस में Pelvic हिस्से में दर्द होना सबसे सामान्य बात है। मासिक धर्म के दौरान दर्द, मासिक धर्म से पहले और दौरान पेट के निचले हिस्से में दर्द, माहवारी के एक या दो हफ्ते के आसपास ऐंठन, माहवारी के बीच में ब्लीडिंग या पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग, इनफर्टिलिटी, सहवास के दौरान दर्द, मलत्याग करने में असहजता, Period के दौरान कभी भी कमर के निचले हिस्से में दर्द इसके अन्य लक्षण हो सकते हैं। आनुवंशिक, पर्यावरणीय कारक 2021 के आंकड़ों के अनुसार, प्रजनन आयु वर्ग की लगभग 5 से 15 फीसदी महिलाएं एंडोमेट्रियोसिस से पीडि़त हैं। विभिन्न आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारक हैं। एंडोमेट्रियोसिस के लक्षणों वाली 10 में से तीन महिलाओं की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। तनाव, अवसाद बढ़ा रहा हार्मोनल असंतुलन Alcohol and caffeine का अधिक सेवन, जीवनशैली में बदलाव, stress, pollution और रसायनों के संपर्क में आने सहित psychological problems इस बीमारी को ट्रिगर कर सकती हैं। शहरी भारतीय महिलाओं में 20 से 30 आयु वर्ग की लगभग 8 से 10 फीसदी महिलाएं इसका सामना करती हैं। किलिनिक में हर माह करीब 10 मरीजों का उपचार होता है। - डॉ. सिद्दीक़ी अल-शिफा दवाखना,बिक्रमगंज कहते हैं इनफर्टिलिटी शुरुआती समस्या ज्यादातर महिलाएं इनफर्टिलिटी की समस्या लेकर आती हैं। जांच में एंडोमेट्रियोसिस का पता चलता है। हर दिन दो से चार मरीज सामने आते हैं। दो से आठ फीसदी की उम्र 25-40 वर्ष के बीच होती है। - डॉ. एम. एन.सिद्दीक़ी, स्त्री रोग विशेषज्ञ, अल-शिफा दवाखना बिक्रमगंज रोहतास बिहार 802212 Mob.7004348423/9199011108

7 Likes

LikeAnswersShare

मेंने पिछले 45 वर्ष की चिकित्साकर्भयाश में इस तरह के अनेकों रोगियों की आयुर्वेद में सफल चिकित्सा की है। डॉ सिद्दीकी जी अच्छा कार्य कर रहे हैं।

Very Nice, Useful Thanks Dr,Soiddique ji

Informative

Useful information

Diseases Related to Discussion

Cases that would interest you