आहार

According to Charak Maharshi ...!!! महर्षि चरक ने ६ पहलू स्पष्ट किये हैं जिससे यह तय किया जा सके कि किस परिस्थिति में क्या खाने योग्य है अथवा नहीं। वे कहते हैं कि भोजन को पथ्य (खाने योग्य, स्वास्थ्य) और अपथ्य (खाने योग्य नहीं, हानिकारक) बनाने के लिए निम्न कारक प्रमुख है: मात्रा (भोजन की) समय (कब उसे पकाया गया और कब उसे खाया गया) प्रक्रिया (उसे बनाने की) जगह या स्थान जहां उसके कच्चे पदार्थ उगाए गए हैं (भूमि, मौसम और आसपास का वातावरण इत्यादि) उसकी रचना या बनावट (रासायनिक, जैविक, गुण इत्यादि) उसके विकार (सूक्ष्म और सकल विकार और अप्राकृतिक प्रभाव और अशुद्ध दोष, यदि कोई है तो)

(Edited)

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Valuable post. Thanks for sharing.

Thank you doctor
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It should be according to Chark Maharshi

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If we were to apply standard set by Charak Maharshi, most of the food that we eat today such as pizza, burger, pasta would be अपथ्य!

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Ayurveda is a treasure house of information on maintaining well being, this science was the secret of physical strength, intellectual vigour, creativity and longevity of our ancient forefathers in Bharat.

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