स्तनपान

स्तनपान के प्रति जन जागरूकता लाने के मक़सद से अगस्तमाह के प्रथम सप्ताह को पूरे विश्व में स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। स्तनपान सप्ताह के दौरान माँ के दूध के महत्त्व की जानकारी दी जाती है। नवजात शिशुओं के लिए माँ का दूध अमृत के समान है। माँ का दूध शिशुओं को कुपोषण व अतिसार जैसी बीमारियों से बचाता है। स्तनपान को बढ़ावा देकर शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। शिशुओं को जन्म से छ: माह तक केवल माँ का दूध पिलाने के लिए महिलाओं को इस सप्ताह के दौरान विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाता है। विवरण स्तनपान के प्रति जन जागरूकता लाने के मक़सद से अगस्त माह के प्रथम सप्ताहको पूरे विश्व में स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। उद्देश्य शिशुओं को जन्म से छ: माह तक केवलमाँ का दूध पिलाने के लिए महिलाओं को इस सप्ताह के दौरान विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाता है। स्‍तनपान ◾ स्‍तनपान शिशु के जन्‍म के पश्‍चात एक स्‍वाभाविक क्रिया है। ◾ कोलोस्‍ट्रमकोलोस्‍ट्रम अथवा माँ का प्रथम दूध यानी वह गाढ़ा, पीला दूध जो शिशु जन्‍म से लेकर कुछ दिनों (4 से 5 दिन तक) में उत्‍पन्‍न होता है, उसमें विटामिन, एन्‍टीबॉडी, अन्‍य पोषक तत्‍व अधिक मात्रा में होते हैं। अन्य जानकारी 🔹 राष्ट्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण सर्वेक्षण 2005-2006 के अनुसार देश के क़रीब 46% बच्चे कुपोषण से ग्रसित हैं। 🔹 उत्तर प्रदेश में यह आँकड़ा लगभग 46% है। भारत में सबसे ज़्यादा कुपोषण से ग्रसित बच्चे मध्य प्रदेश में हैं।

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ज्ञान वर्धक लेख है धन्यवाद देता हूं।

Thank you doctor
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Thanks so much for your information

Thank you doctor
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Very valuable information thanks sir

Thank you doctor
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