विरेचन कर्म कराने से पहले व स्नेहन कर्म के बाद कितने दिन का अवकाश रखना चाहिए

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पूर्व कर्म जिनमें स्नेहन और स्वेदन हैं। ये दोनों एकसाथ भी हो सकते हैं और अलग-अलग भी। वहीं प्रधान कर्म वमन और विरेचन अलग-अलग समय या दिन में होते हैं। इन प्रक्रियाओं को करने में कितना वक्त लगेगा, यह व्यक्ति की उम्र और उसकी जरूरत पर निर्भर करता है। अमूमन वमन और विरेचन 1 से 7 दिन तक चल सकते हैं। पहले वमन होगा, इसके बाद विरेचन की क्रिया पूर्ण की जाती है।

2 days will be the rest day. That means, after proper snehapana, in these 2 days abhyanga swedana should be done. On the 3rd day again abhyanga swedana done which is followed by virechana aushadha. sevana.

Mentioned in classics....after snehana karma vishrama kala (swedana) is 3days

एक सप्ताह के उपरांत। अगला कर्म करने का विधान है।

1-3 Days Ka interval Rakh sakte hai..

2 days

Maximum 2 days

48haurs

Thank you doctor
0

1 to 3days