आयुर्वेद जिज्ञासा

मेदवह स्रोतस का मूल स्थान वृक्क बताया गया है , क्या logic है ,कृपया बताएं?

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Vrukka get its sneha by medho dhatu .. There is no avarodh normally. Normal function kledha vahan . In medha kshaya , condition . Vrukka main stan of medha dhatu become shrink . Medha kshya , vrukka function disturb ,becaz there is no snehan happening in vrukka . Finally Kledha not excreting outside , Kledha store in blood and creatinine level increase , calcium etc . Now think . Why we give gokshur in kidney disease ,becaz Madhur madhur shitta , When there is medha kshya and mutra vikara use gokshur .. Now. In diabetes Kledha increase , body try to throw kledha as possible . We use Jambu like medicine which is Mutra sanghraniya .

Valuable opinion
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मेद वहा स्रोत का स्थान वृक्क बता गया है,वह आधुनिक द्रष्टिकोण से भी सही है।। क्योंकि vitamin D का मुख्य रोल होता है,फेट के metabolism में,उसको मॉडर्न में किड़नी हॉर्मोन से भी पहचाना जाता है, दूसरा region है कि वृक्क के ऊपर जो आयी gland का hormone भी fet मेटाबोलिस्म में महत्व का रोल है।।

@Dr. Aishwarya Upadhyaya @Suraj Aggarwal
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ःमेदवह द्वे तयो र्मूलम कटि वृक्को आचार्य सुश्रुत ने मेदवह स्रोतस का मूल कटि एवं वृक्क बताया है पुनः गर्भ व्याकरण शरीर में अंग प्रत्यंग निर्माण प्रक्रिया में उल्लेख किया है कि रक्त मे प्रसादात वृक्को अर्थात रक्त एवं मेद धातु के प्रसाद भाग से वृक्क की निर्मिती होती है

Kindly requesting to share your views on this Q @Gopikrishna S Acharya Sir

@Kedareshwar Pancholi @Aniruddha Lele @Alka Narnolia Madam any idea?

आचार्य चरक एवं सुश्रुत दोनो ने मेदवह स्रोतस का मूल वृक्क को बताया है । मूलम् इति प्रभव स्थान। वृक्क की उत्त्पति रक्त एवं मेद के प्रसाद भाग से बताई है । मेदवह स्रोतो दुष्टि मे प्रमेह के पूर्वरुप बताये है और प्रमेह मे मुख्य दुष्य मेद है तो वृक्क की विकृति देखने को मिलती हैं ।
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विषय लम्बा है समय का अभाव रहता है। इस विषय पर,,,,,

@Dr. D. P. Singh

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