What is the significance of Pushya Nakshatra on Swarna Prashan ? Please also quote the reference

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If you look at the Acharya Kashyapa’s sloka, the Swarna administration is advised on daily basis for one month to up to six months. Pushya Nakshatra day is nowhere mentioned. Administering it in Pushya Nakshatra day is derived by the Ayurvedic centres. This day is given lot of significance in Ayurveda. This day is told as good for collection of medicinal herbs for medicine preparation. Hence, there is no harm in administering it during Pushya Nakshatra day. @Hemant Adhikari
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पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण-प्राशन का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होने से कई बीमारियों से बच्चों का बचाव हो सकता है। इससे बच्चों की स्मरण शक्ति के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शारीरिक और मानसिक विकास होता है। यह पाचन शक्ति में वृद्धि कर भूख बढ़ाता है, जिससे कुपोषण की समस्या दूर होती है।
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आचार्य कश्यप के अनुसार पुष्य नक्षत्र में एकत्रित हुए औषधियां खराब यानी गुणों से हीन नही होती है इस लिए पुष्य नुग चूर्ण को पुष्य नक्षत्र में बनाने का विधान है।
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