जीवन दायनी गाय सुरक्षा।

गाय के पंच गव्य को वेदों ने भी मान्यता देते हुए कामधेनू बतलाया गया है।कि पत्रिका में विदवान ने गुणों पर लिखा गये लेख का वर्णन देखें। मरिचादि तेल में गोमुत्र डाला जाता हे।गुण ज्ञात हैं। गोमुमुत्र की भी के किटाणुऔं को मार देता है। बंदर के काटने पर गाय का ताजा गोबर लगाएं। सूखी खुजली में गोबर रस लगाएं। गोबर रस में चार गुना तैल डालें,रस जलने पर आई डराप्स आंखों की रोशनी बढ़ेंगी। रस का घन सत्व बनाऐ।हानी कारक किटाणु मरेंगे।इसे पानी में डालें,है जे के किटाणु मरेंगे। तैल में गोबर रस मिला कर मालिश करने से मज्जागत तन्तु ठीक होंगे। निष्चैठता में गोबर की राख मलने से बर्ड सर्कुलेशन बढ़ता है। (होम्योपैथी ) गाय का गर्भ दान न होने पर बोटैक्स एक लाख पोटेंसी दें। जैर देर तक न गिरने पर पल्सेटिला हजार या लाख पोटेंसी दें। आप कृपया अपनी टिप्पणियां अवश्य दें।

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जो ज्ञान आपने संजो कर दिया है दिव्य ह गाय को माता कहा है सर तो ये सब बाते सत्य है पर वापस स्थापित करने की जरूरत है@@Dr. S.k. Mudgal sir
Dr. Sushilkumar Bhoot जी क्यूं नहीं।लाखों बोतल गोमूत्र अर्क बिकता है।निश्चित ही यह कारागार है।समय बलवान होता है ।अच्छा ही होगा।आप का धन्यवाद।
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मुख कैंसर‌ मे पंचगव्य से कवल करवायें । बेहतरीन रिजल्ट।
Thank you doctor
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बहोत ही सही है ।
Thank you doctor
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Right sir
Thank you doctor
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Rty sir
Thank you doctor
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