स्वस्थ जीवन शैली अपनाना ही स्वस्थ रहने रोग मुक्त रहने का एक मात्र उपाय

आयुर्वेद का पहला प्रयोजन है-स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं और दूसरा प्रयोजन है-आतुरस्य विकार प्रशमनंच।। अर्थात् प्रथम प्राथमिकता फर्स्ट प्रायोरिटी है स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं। सभी से स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह और उनको इसकी जानकारी व प्रशिक्षण देना।हमारी हेल्थ केयर सर्विसेज ने इसकी संपूर्ण रुप से उपेक्षा कर दी है। फल स्वरुप सामान्य जनता की यही समझ बन गयी है कि मुझे अपनी जीवन शैली में कुछ भी बदलाव करने की जरुरत नहीं है।परहेज पालने या पथ्य आहार विहार सेवन व अपथ्य परिवर्जन करने की कोई जरुरत नहीं है।रोग हो जायेगा तो अस्पताल है न वहां पर डाक्टर साहब व दवायें है न मुझे ठीक करने के लिये।यह बहुत खतरनाक सोच या समझ है जो आम जन की बन चुकी है वह स्वयं स्वस्थ रहने के लिये कुछ भी करने को तैयार नहीं है।जबकि हकीकत यह है कि डाक्टर अस्पताल दवाईयां केवल मददगार है स्वस्थ उसे स्वयं होना है अपनी इम्युनिटी पावर से।तो अभी भी समय है और हम सब चिकित्सकों का दायित्व है सामान्य जन को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का आग्रह करने व उनको इसके लिये प्रशिक्षित करने का।ताकि वह कभी भी किसी रोग से ग्रसित ही न हो।स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिये।

(Edited)

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I agree with your statement @Kedareshwar Pancholi sir
Thank you doctor
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Respected Dr. Kedareshwar Pancholi Sir, Its Satvavajay chikitsa.
Valuable opinion
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उत्तम अति उत्तम धन्यवाद देता हूं
Thank you doctor
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Well said sir...
Thank you doctor
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Yes 100% agree sir. Look at Japan they practice many things and today because of adopting these traditional methods cases of covid19 are less and there is no lockdown etc in country

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