Agnimandya

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रोगी का अग्निबल मंद हो गया है। चिकित्सा संबंधी योग,,,, जीरा 50 ग्राम,नोशादर हंडिया का 50 ग्राम लेकर दोनों का पाउडर बनाकर 5 ग्राम सुबह-शाम खाने से पहले दें। द्राक्षासव कुमारियासव दोनों को मिलाकर 25 ग्राम सुबह-शाम खाने के बाद दें। निश्चित रूप से लाभ होगा। योग परिक्षित है। पिछले 40 वर्ष से प्रयोग कर रहा हूं।

Thank you doctor
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Chitrakadi vati, agnitundi vati are used in vata & kapha type Ajamodarka, bhaskaralavana churna is generally used. Hingwashtaka churnam is for all types. Even can be used in children above 5 yrs.

Thank you doctor
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Yes ... I agree with Dr madhavi.. Along with them, plain warm water, madhura rasa, dadima fruit, all types if salts specially black salt, ajamoda, jeeraka can be administered..

Thank you doctor
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भूख सभी को लगती है,किसी को कम किसीको ज़्यादा ।कुछ लोग खाने के लिए ही खाते हैं। परन्तु समझदार जिन्दा रहने के लिए खाते हैं।सभी का हाजमा व खुराक एक जैसा नहीं होती।अगर अग्नि बल सम है तो किसी भी दवा की आवश्यकता नहीं है। रोगी को रोग व प्रवृति अनुसार ही योग देने से भूख बढ़ती।

Thank you doctor
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Dasamoolarishta, pippalyasava, chitrakadi vati, shaddharana churna, Hinguvashta churna,

Thank you doctor
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SY.. MANNOL..( CHARAK ) .. LIV - 52 .. ASHWAGANDHA.. + SHARAWARI ..

Tringasav best

Thank you doctor
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