Trick to learn निर्देश, कल्पना, रोग,योजना,अन्नपान चतुष्क

खड्डें में चार महान तीन ऐषणाओं की वात का निर्देश करते हैं। खड्डे में चार महान- खुड्डाकचतुष्पादाध्याय+ महाचतुष्पादाध्याय। तीन ऐषणाओं- तिस्रैषणीयाध्याय वात- वातकलाकलीयाध्याय कल्पना स्नेह स्वेद के उपर चिकित्सा प्रारंभ मत करो। स्नेह- स्नेहाध्याय स्वेदन- स्वेदाध्याय उपर- उपकल्पनीयाध्याय चिकित्सा- चिकित्साप्राभृतीयाध्याय रोग सिर में 3 शोथ कर उदर में 8 महारोग करते हैं। सिर- कियन्त: शिरसीयाध्याय 3 शोथ- त्रिशोथीयाध्याय उदर में 8- अष्टोदरीयाध्याय महारोग- महारोगाध्याय 8 निंदित लघु बल से संत का विधि से शोणित लेने की योजना बनाते है। 8 निंदित - अष्टौनिंन्दीयाध्याय लघु वल- लंघनबृंहणीयाध्याय संत - संतर्पणीयाध्याय विधि से शोणित- विधिशोणितीयाध्याय यज्ञ करने वाले पुरूष आत्रेय के साथ अन्न विविध प्रकार से पीते हैं। यज्ञ- यज्ज:पुरूषीयाध्याय आत्रेय- आत्रेयभद्रकाप्यीयाध्याय अन्न-अन्नपानविध्यध्याय विविध- विविधाशितपीतीयाध्याय

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