आज पूरे दिल से आयुष के आत्मसम्मान के लिए कह रहा हूँ.... क्या हो गया है हम आयुष वालों को...मैं मानता हूं कि इस देश का 80% हॉस्पिटल आयुष के डॉक्टर्स किसी न किसी रूप में मैनेज कर रहें हैं.... लेकिन सिर्फ एक बात पूछना चाहता हूं आप सब से... ALLOPATHY और AYUSH दोनो ही 51/2 साल का कोर्स है.....और सबको अपनी अपनी स्पेशलिटी बताई जाती है ताकि जो मरीजों को स्वस्थ किया जा सके......लेकिन एक बात समझ मे नहीं आती की इतना साल ... SILECIA AUR ARSENIC पढ़ा , GUGGLE AUR GOKHSHURA पढ़ा , तो उसे छोड़कर PARACETAMOL AUR NUMISULIDE पर कमांड कैसे हो जाती है....जिसे ALLOPATHY वालों को PG के बाद होता है.... जब हम सब खुद से अपनी अपनी पद्दति को चुका है तो उसमें महारत हासिल करने में संकोच कैसा...किसी दूसरे की चीज़ों को मांगने का क्या मतलब....काल की हड़ताल के बाद MEDICAL ASSOCIATION वालों ने साफ कह दिया कि अगर आयुष वालों के पास किसी चीज़ का इलाज नहीं है तो उस पद्दति को बंद कर दीजिए.... अब कुछ लोगो का विचार है कि नौकरी मिल जाती है...काम से कम MOTHLY INCOME आती है....तो इस विषय मे सिर्फ एक बात कहना है कि आप लोग अपने मालिक होकर भी दूसरे के यह नौकरी करने जा रहे हैं...ज़रा सोचिए आप अपन सोना छोड़कर दुसर्व के पीतल को अपना रहे हैं.... ये बात इतनी सफाई से इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि छोटा सा CLINIC ही होता है हमारा लेकिन किसी का मोहताज नही होता...खुद के ज्ञान को विकशित करने में जो इज़्ज़त है वो किसी और में नहीं.... और हां में किसी जॉब को गलत नहीं कह रहा हूँ....में यहां सिर्फ खुद के आत्मसम्मान की बात कर रहा हूँ.... अगर AYURVED AUR HOMOEOPATHY में कमी होती तो PATANJALI , SBL , BRION जैसी कंपनियां टॉप लिस्ट में न होती.... ऐसा कोई भी इलाज नहीं है जो AYUSH पद्दति में नहो....जो EMERGENCY है वो हमारे SURGEONS के लिए छोड़ दीजिए...लेकिन अगर MEDICINE में AYUSH वाले ALLOPATHY से 100 TIMES बेटर हैं.... आखिरी में अपनी खुद्दारी की बात कहता हूं...की सबकी अपनी अपनी कीमत है...खुद की कीमत को खत्म न करें...नहीं तो बिना सम्मान के इस शरीर का कोई महत्व नहीं है.... सर जिसपे ना झुक पाए , उसे दर नहीं कहते , हर दर पे झुक जाए , उसे सर नहीं कहते...!! जय हिंद... धन्यवाद...

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I respect your words.... But just go through current health status of our Country.... You know our health status is poor then Bangladesh....... Our MMR and IMR is too high because of unavailability of Doctors at PHC and Sub Center.... Just think beyond our Clinic and Pathy..... Our community deserves better health care services and this is the best solution.....
Dr Adhikari...this is d best point ....agree with you...but our posting on PHCs must be with our AYUSH pathy also...as a AYURVEDIC, HOMOEOPATHY,UNANI..MEDICAL OFFICERS.....dis can be done in proper manner...then there will be respect & health curriculum both will be benifitted....
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I totally agree..with you..we dont want this allopathy..even if the government dont give us...better employment....now after reading allopaths comments....and the way the call us quacks..i request ...homoeopathy to follow the principle of audesupere...we dont need..allopathy we have our own pathy.........jai hahnemann jai homoeopathy
Ye Hui n sahi bat thanks @ @Divya Bijalwan ji
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AYUSH DOCTORS HAVE ALL THE THING FOR SEVERE AND EMERGENCY CONDITIONS....ND SO ON....EVERY DOCTORS ARE SPECIAL IN THEIR AREA AND FEILD.......ND I REALLY PROUD ON AYUSH DEPARTMENT.....ND DOCTORS WORK HARD DAY BY DAY....WITH NO LOSS OF ENDUSIASM..... I SALUTE ALL AYUSHIANS.... THANKU...
Every Ayush practioners should think seriously about this bill. If after ammendment ayush are again ignored as happened so many times earlier. As at time of implementation of clinical establishment act. We will suffer for long. So support the bill as is it.
Totally agree.we r happy even we were happy with our ways of treatment serving the best quality treatment with out side effects..but why don't we have govt Jobs in our pathy only..
Exactly mam
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If BAMS degree holders prescribe Allopathy that is called cross pathy but MBBS prescribe Ayurveda that OK. So present bill totally right. I support
Sir....I m taking about self respect....if allopaths have their respect then they will never have to do this....nd if they do so then you have authority to writ against this....but u can do then only if you r peferring ur pathy..... बात गुरु की नहीं ऐतबार की है...
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Yes I agree @Divya Bijalwan thanks
Very nice sir...tottaly agreed WD ur opinion sir
Agreed Dr saurabh totally
I agree dr .saurabh
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