Corona vs Ayurved

देश मे 30 Corona के Positive Cases क्या मिले जिनमे से किसी की मौत भी नहीं हुई और हाहाकार मच गया पूरे देश मे! पिछले साल देश मे कुल 8,81,995 बच्चों (U5) की मौत हुई है जिनमे से लगभग 60-70% मौत सिर्फ खाना ना मिलने, उल्टी दस्त, निमोनिया तथा टीकाकरण के साथ स्वास्थ्य सुविधा समय पर ना मिलने के कारण हुई थी और इस साल भी मौतें लगभग उसी दर से हो रही है! ठीक है Corona के लिए जागरूक करना सावधानी बरतना जरूरी है, पर बाकी जरूरी मुद्दो पर बात कौन करेगा? देश मे लगभग 60% बच्चे खून की कमी से ग्रस्त है, किशोरियों गर्भवतियों मे भी लगभग 60% खून की कमी से जूझ रही है! आज इनका ध्यान नहीं रखा तो सबसे पहले Corona और अन्य संक्रमण इन्हीं कमजोर, कुपोषित और Poor Immunity वाले बच्चों, बूढ़ों और एनीमिया से ग्रस्त लोगों को पहले अपनी चपेट मे लेगा... तब कारण दिया जाएगा Corona जैसी बीमारी का, पर यह कोई नहीं कहेगा कि वो कमजोर थे कुपोषित थे इस लिए उनकी मौत हो गई..... क्या हम साफ सफाई और स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख सकते? क्या हम बिना Corona के डर से हाथ धोना नहीं सीख सकते? क्या हम आयुर्वेद मे वर्णित दिनचर्या, आहार विधि विशेषायतन, स्वर्णप्राशन, निदान परिवर्जन जैसे सिद्धांतो का प्रयोग नहीं कर सकते? समय है, आयुर्वेद मे सवालों के जवाब खोजीये। आयुर्वेद सिर्फ चिकित्सा पद्धति नहीं है यह एक सर्वश्रेष्ट जीवन शैली है यह जीवन का विज्ञान है। 8 मार्च से पोषण पखवाड़ा का आयोजन होने वाला है. चिकित्सकों से अनुरोध है, आप बीमारों को तो आप ठीक करते ही है, एक बार किसी एक बच्चे को कुपोषित से सुपोषित बनाने मे अपना योगदान देकर देखे, विश्वास करे आपको जो सुख मिलेगा उसको शब्दों मे बया कर पाना मुश्किल होगा और शायद आपकी यह छोटी सी कोशिश एक और बच्चे की मौत होने से रोक दे..... आपको पता है आंगनवाड़ी पर बच्चों के लिए पोष्टिक खाने के साथ Take Home Ration भी दिया जाता है ताकि सही पोषण बच्चे को मिल सके, साथ मे बच्चे की व्रद्धी निगरानी और टीकाकरण भी किया जाता है! अब तो मध्यप्रदेश शाशन मुफ्त स्वर्णप्राशन भी मुहैया करवा रही है.... आप भी जागरुक बने और अपने आस पास या अपने Clinic/Hospital मे आने वाले जरूरतमंद बच्चों के माता पिता को यह जानकारी दे.....

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आप का ईशारा आईना दिखाने के लिऐ काफी है।यही क्यों हमारे देश में ऐवरेज 400 मोतें रोजाना सड़क दुरघटनाओं में होती है। ईस पर कोई हो हल्ला नही ? करोना के बारे में कल हिन्दुस्तान समाचार में बचने के उपाय तो बताऐ पर आखिरी बचाव आयुरवेद के बारे में लिखा हे कि विश्वसनीय नही है। ठीक है ऐलोपैथी अगर ईतनी ही कारागर है तो सरकार ने भी जीने मरने का ठेका ईन्ही को दे रखा है। हरि ईच्छा। होना यह चाहिऐ कि जिस भी पद्धति से जान बचे ,ईस्तेमाल करें।अगर मैं दावा करुं तो न सिरफ नकार देंगें अपितू कोर्ट में घसीट देंगे,पर बाबा राम देव व होम्यौपेथी तो सरे आम कोरोना ठीक करने को कह रहै हैं,ईन की तो मान लो (भारत सरकार).कहने शास्त्र भरे पड़े हैं पर आयुष विभाग न जाने क्यूं चुप है।
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This post is an eye opener & highlights the importance of Ayurveda & it's relevance today, tomorrow & always. यह बिल्कुल सही है कि कॉरोना के साथ साथ हमेशा के लिए हम स्वच्छता और बीमारी से बचने के उपाय करते रहे, कि कोई भी जीवजंतु हमें परास्त ना कर सके। भारतीयों को विश्व समक्ष स्वास्थ्य रक्षण के महत्व में भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद, जैन, वैष्णव,ब्राह्मण इत्यादि धर्मो के सिद्धांतो का पालन कितना उपयोगी है यह बताना है।
अत्यावश्यक सर्वोपयोगी जानकारी हम.सभी.चिकित्सकों का.यह.प्राथमिक कर्तव्य और दायित्व.है कि हम आयुर्वेद के स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणं सूत्र का पूर्णरुपेण पालन करते हुये आयुर्वेदिक स्वस्थ वृत्त,दिनचर्या,ऋतुचर्या,जीवन शैली,रोगों से बचाव तथा सुपोषण हेतु भोजन कैसा व क्या हो व भोजन के नियम आदि से सर्वजन को समझायें प्रेरित करें।
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Sir ye satya padasheen logo evam hamari gyanwan media ko nahi dikhata h knyoki sabhi apani roji roti ke liye kam kar rahe h marane wale bacho ya logo se kya matalab aap jase murdhanya vishay ko lekar jagruk h yehi jarurat h dhanyawad@@Dr. Hemant Adhikari sir
Thank you doctor
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Very important article. Thanks for public awareness.
Thank you doctor
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अति सुन्दर प्रस्तुति है धन्यवाद देता हूं
Thank you doctor
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Very informative post sir ji
Thank you doctor
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