What,How,Why

शुक्रवह स्रोतस दुष्टि हेतु में शुक्र वेगावरोध एक हेतु दिया है। शुक्र वेगावरोध मतलब क्या ? क्या केवल शुक्र न निकालना ही शुक्र वेगावरोध है या sexual desire होने पर शुक्र न निकलना ये शुक्र वेगावरोध है? यदी शुक्र न निकालना(मैथुन न करना ) शुक्रवेगावरोध का मतलब है तो क्या शादी से पहले हस्तमैथून(masturbation) करना सही है ?

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हस्तमैथुन एक समान्य प्रक्रिया है , इसका कोई लाभ या हानि नही है , और ना ही इसे चिकित्सा कि दृष्टि से देखा जाना चाहिये, अगर कोई व्यक्ति रोज भी हस्तमैथुन करता है तो भी यह कोई रोग नही बल्कि एक ज़रूरत मात्र है । अगर आप आयुर्वेद कि दृष्टि से देखते है तो मुझे नहीं लगता के कहीं भी इसका वर्णन है, बस कुछ नीम हकीम लोग अपने व्यापर चलाने के लिये लोगों को एक बुरी आदत बताते हैं, पर वास्तव मे कुछ हानि नही है

गुरुवर डॉ भास्कर गोविंद घाणेकर जी लिखते है कि जो लड़का हाईस्कूल तक पढ़ा है। और वह कहता है कि उसने हस्त मैथुन नहीं है वह झूठ बोलता है। मैंने 50 वर्ष पूर्व 100 लोगों के इंन्टरवयू लिए सब ने स्वीकार किया कि उसने हस्त मैथुन किया है। रही बात शुक्रावरोध की, यह कार्य अति दुर्लभ है। विषय लम्बा है समय का अभाव रहता है। इस विषय पर विस्तार से बात बाद में,,,,

Thank you doctor
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डॉ s k b आप का कथन सत्य है। आयुर्वेद में हस्थ मेथुन करने से होने वाली परेशानी का कोई वर्णन नही मिलता है। मैने आयुर्वेद में Ph D किया है। मैं तो अब बूढ़ा हो चला हूं फिर भी अध्ययन जारी है पिछले 40 वर्ष से किडनी डिसिज पर सफल अनुसंधान किया है और परिणाम भी अति उत्तम है।

यहा वेगावरोध का तात्पर्य शुक्र स्खलन के समय वेग को रोकने के प्रयास से है....

I agree
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Very informative

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