हृदय रचना

World heart day आयुर्वेद मे हृदय रोगों का वर्णन आचार्य ने किये है | हृदय की विकृति समझने ने से पहले उसकी शरीर रचना और शरीर क्रिया समझना आवश्यक है | 1) हृदय रचना शारीर उरोगृहा में स्थित मांसपेसीमय अवयव है | रक्त पद्माकार और अधोमुखी ओज, मन, और चिंतन का स्थान सुश्रुत - शोणीतकफ प्रसादज ह्रदयम || हृदय की utapati शोणीत और कफ प्रसाद में से होती है | केवल garbhakal में नहीं परन्तु जन्म के बाद भी उसकी कार्य शक्ति shonit और kapha प्रसाद पे निर्भर होती है | 2) क्रिया शारीर हृदय प्राणवह & रस वह srotas का मूल है उतपति, स्थिति, लय में रक्त और कफ की प्रसन्ता आवश्यक मांसपेशीमय अवयव हृदय द्रारा रससंवहन होता है संकोच और विकास क्रिया स्वतन्त्र है और वो व्यान वायु और प्राण वायु पे आधार रखती है | 3) क्रिया शारीर से विकृति शारीर mainly 1) रक्त 2) अवलम्बक कफ 3) व्यान वायु are responsible for cardiac activity. a)हृदय निर्माण रक्त और कफ से होता है अगर रक्त / कफ में विकृति होंगी तो हृदय के कार्य में भी विकृति होंगी इसलिए रक्त और कफ का प्राकृत होना आवश्यक है | रक्त निर्माण:- 1) रस धातु + रक्तअग्नि - रक्त उपादान धातु रक्त उपादान धातु + रंजक पित - रक्त 2) पंचमहाभूत में से पृथ्वी - विस्त्रता जल - द्रव्यता > >> अगर drvata बढ़ी ya कम हुई ( dehydration ) - हृदय क्रिया vikrut तेज - राग >>> अगर बढ़ी तो polycythemia vera और कम तो पाण्डु वायु - स्पदन >>> बढे to tachycardia, कम तो bradycardia आकाश - लघुता >>> लघुता कम और गुरुता बढ़ी तो - hyperlipidmia / hypercholesterimia b)Kapha :- अवलम्बक कफ :- हृदय के एक कोष को दूसरे के साथ जुड़ कर रखते है और हृदय मांसपेशी के कोष का बना है | अवलम्बक कफ की विकृती से शोथ और ज्यादा विकृति से हृदय की मांसपेशी की स्थितिस्थापकता कम होती है | रसवह - शोथ प्राणवह - श्वास कस्ट c) व्यानवायु :- resonsible for संकोच और विकास प्रक्रिया अगर इसमें विकृति होने से ह्रदद्रवत्व - tachycardia ( द्रवती इति हृदय धुगधुगती करोति ||) ह्रदगतिरोध - heartblock.. ऐ सब देखने को मिलता है | हृदय एक महत्व पूर्ण अवयव है जिसकी हमें देखभाल करनी चाहिये | jay ayurveda @Dr. Hemant Adhikari

(Edited)

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50 वर्ष पूर्व किया गया अध्ययन को दुबारा से याद दिलाने के लिए धन्यवाद देता हूं।

Thank you doctor
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Very informative post

Informative post.

Thank you doctor
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